दोस्तों, जब कोई अपना भरोसा तोड़ देता है या रिश्ता निभाने में बेवफाई कर देता है, तो दिल बहुत दुखी होता है। ऐसे लम्हों को शब्दों में कह पाना आसान नहीं होता। इसीलिए इस पोस्ट में हम आपके लिए खास Bewafa Shayari 2 Line लेकर आए हैं।
नमस्कार दोस्तों, आपका स्वागत है FunkyKhabar.com पर। इस पोस्ट में आपको कई बेवफा शायरी स्टेटस पढ़ने को मिलेंगे (Bewafai ki shayari) यहाँ पर आपको बेवफा शायरी दिल टूटने वाली, खतरनाक बेवफाई शायरी और दर्द भरी बेवफा शायरी इन हिंदी मिलेगी।
Friends, इस पोस्ट के आखिर में आपको और भी शायरी पढ़ने के लिए related posts के लिंक मिलेंगे।
दर्द भरी बेवफा शायरी (Bewafa Shayari)

तेरे कहने पर छोड़ा है तुझे,
दुनिया से मत कहना कि मैं बेवफ़ा हूँ…
लाजवाब थी हमारी मुस्कुराहट,
किसी बेवफ़ा को इतनी पसंद आई कि
वो उसे अपने साथ ले गई।

दिल चाहता है रूठ जाऊँ सबसे,
पर अफ़सोस… मुझे मनाने वाला बेवफ़ा ही था।
इंतज़ार करते-करते अब तो मर जाएंगे, 🌻
काश कोई तो आए ज़िंदगी में
जो बेवफ़ा न हो।

तू बदली तो मजबूरियाँ थी,
और जब मैं बदला… तो मैं बेवफ़ा कहलाया।
इजाज़त हो तो तेरे चेहरे को देख लूँ जी भर के,
इन आँखों ने मुद्दतों से कोई बेवफ़ा नहीं देखा 💔🥺
हुस्न वालों से बस एक ही सबक सीखा,
जितनी हसीन अदा… उतनी ही बेवफ़ाई 🖤🥀

ये इश्क़ न जाने क्यों चाहत बन जाता है,
वो चाहे बेवफ़ा ही सही…
दिल उसकी आदत बन जाता है।
सावले रंग से इश्क़ लाज़मी है,
गोरे तो आज़ादी से पहले भी बेवफ़ा थे।

“अकेले रहना एक नशा है”,
और उस नशे का आदी तूने बनाया, ऐ बेवफ़ा 😞
वफ़ादार और तुम – ये ख्याल अच्छा है,
बेवफ़ा और हम – ये इल्ज़ाम अच्छा है।

तुम्हीं से सीखी है नज़रअंदाज़गी की कला,
अब तुम पर ही आज़माऊँ तो बेवफ़ा मत कहना।
आइए… बेझिझक कहिए मुझे बेवफ़ा,
अब मैं तुम्हारे बारे में कम ही सोचता हूँ।
वो मिली भी तो क्या मिली,
बनकर बेवफ़ा मिली…
इतने बुरे हम भी न थे
जितनी सज़ा मिली।

हर खूबसूरत चीज़ को किसी और की तलाश होती है,
शायद इसलिए हर खूबसूरत चीज़ बेवफ़ा होती है।
दोबारा इश्क़ हुआ तो तुझसे ही होगा,
ख़फ़ा हूँ तुझसे… बेवफ़ा नहीं।
राह मोहब्बत की मुश्किल न थी,
कुछ ज़माना खिलाफ हुआ, कुछ वो बेवफ़ा हो गए।
जनाज़ा उठा तो फूल चढ़ाने आई,
मरने के बाद उस बेवफ़ा ने प्यार जताया

मोहब्बत मैंने दिल से की,
पर दिमाग उसने लगाया…
बेवफ़ा वो थे, इल्ज़ाम मुझ पर लगाया।
इश्क़ वालों को फुर्सत कहाँ कि ग़म लिखें,
कलम इधर लाओ… बेवफ़ा पर लिखते हैं 💔
उल्फत, मोहब्बत, इश्क़ और ग़म,
वो आई ही थी ज़िंदगी में शायद उर्दू सिखाने।
लुटा दी अपनी सारी वफ़ा एक शख़्स पर,
अब भी वो मुझे बेवफ़ा कहे… तो उसकी वफ़ा को सलाम।

मैं सच्चे इश्क़ की किताब पढ़ रहा था,
और तू बेवफ़ा था… छिप जाना ही तेरे लिए बेहतर था।
मिल जाएगा हमें भी चाहने वाला,
पूरा शहर तो बेवफ़ा नहीं हो सकता।
जिनकी शायरियों में दर्द छुपा हो,
वो शायर नहीं… किसी बेवफ़ा का आशिक़ होता है।
झूठी उम्मीदें दिलाना इस ज़माने की फितरत है,
क्योंकि खूबसूरत लोग अक्सर बेवफ़ा होते हैं।
कर सकता था मैं भी मोहब्बत उनसे,
पर सोचा – चेहरा हसीन है, बेवफ़ा तो होगी ही 😒
ज़िंदगी तो बेवफ़ा है,
एक दिन ठुकरा देगी…
मौत ही असली महबूबा है,
जो साथ लेकर जाएगी 🤕

शक से भी टूट जाते हैं रिश्ते,
ज़रूरी नहीं कि हर बार कोई बेवफ़ा ही निकले।
जिसे अपना समझा… वो किसी और का हो गया,
मेरा क्या कसूर… कि तू बेवफ़ा हो गया।
तेरी मोहब्बत के लिए मैंने दुनिया से लड़ाई की,
बड़े नासमझ थे हम… बेवफ़ा से वफ़ा की उम्मीद कर बैठे 💔
उदास लम्हों में न जाने क्यों,
बेवफ़ा लोग बहुत याद आते हैं।
हाल ऐसा है कि गले लगकर तुझसे,
तेरी ही शिकायत करनी है।
बेवफ़ा से वफ़ा की उम्मीद,
ये कैसी मूर्खता है यार?
वो कहती है वक़्त की मजबूरियाँ हैं,
पर सच ये है… कि वो बेवफ़ा है 💔
