दोस्तों, जब हम किसी को बहुत याद करते हैं तो दिल में एक खालीपन और दर्द सा महसूस होता है। ऐसी हालत को शब्दों में कहना आसान नहीं होता, लेकिन किसी की याद में दर्द भरी शायरी उस एहसास को बहुत खूबसूरती से बयान कर देती है। इसी वजह से इस पोस्ट में हम आपके लिए खास Kisi Ki Yaad Me Dard Bhari Shayari in Hindi लेकर आए हैं।
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दोस्तों, अगर आप भी किसी की याद में उदास हैं और अपनी फीलिंग्स को दूसरों तक पहुँचाना चाहते हैं तो ये Kisi Ki Yaad Shayari आपके लिए बिल्कुल सही रहेंगी।
Friends, इस पोस्ट के आखिर में आपको और भी शायरी पढ़ने के लिए related posts के लिंक मिलेंगे।
किसी की याद में दर्द भरी शायरी ( Kisi ki yaad me dard bhari shayari )

आईने में खुद को निहारता हूँ,
तो तेरा ही चेहरा दिखता है…
अगर ये इश्क़ नहीं है,
तो फिर और क्या है?
तेरी यादें कुछ खूबसूरत पलों की ख़ुशबू जैसी हैं,
सुकून ये भी है कि…
ये कभी मुरझाती नहीं। 🌸
रात भर इंतज़ार किया उसके जवाब का,
सुबह एहसास हुआ…
जवाब न आना भी
एक जवाब होता है।

तेरी साँसों से है नाता हमारा,
भूल भी जाओ…
तो भी याद रखना,
तेरी यादों के सहारे ही जीना हमारा।
पाने की चाहत में उसे
इतना तड़पाया मैंने,
कि आज हमेशा के लिए
उसे खो दिया। 💔
मंजर बेरंग था,
फिज़ाएँ भी बेजान थीं…
बस तू याद आया,
और मौसम सुहाना हो गया।

अब किसी के बहकावे में नहीं आता,
एक लड़की ने मुझे
इतना समझदार बना दिया। 💔
तेरी यादें बड़ा जुल्म करती हैं मुझ पर,
सो जाऊँ तो जगा देती हैं,
जागूँ तो रुला देती हैं। 😢
न हम रहे दिल लगाने के काबिल,
न दिल रहा ग़म उठाने के काबिल…
उसकी यादों ने वो जख़्म दिए,
कि मुस्कुराना भी मुश्किल कर दिया।

आज फिर उसकी याद आ गई 🙃🤞
जब नाई ने पूछा –
“और कितना काटूँ सर?” ☹️
लोग तो बहुत भूले,
पर तेरे जैसा कोई
कभी याद नहीं आया।
यादों का स्पर्श बड़ा अजीब होता है,
कोई पास ना हो फिर भी
बहुत करीब लगता है।
कोई मेरा भी था…
कल ही की तो बात है।

उसकी यादों ने फिर चमक दी,
मेरे दिल के आँगन में बहार आ गई…
उसके आने से जैसे
गुलों में महक आ गई। 🌹
दिन गुज़रते हैं तन्हाई में,
रातें बेचैनी गले लगाती हैं…
उसकी यादें अब भी
दिल को तड़पाती हैं।
बेचैनी और बढ़ेगी,
तेरी याद और सताएगी…
तू मेरी ग़ज़लें गाएगा,
जब तुझे भी मोहब्बत हो जाएगी।

जिसने सँवारा था ये जहाँ,
वही उजाड़ गया…
पहले पौधे लगाए,
फिर खुद ही उखाड़ गया। 🌱💔
तेरे इंतज़ार ने बेहाल कर दिया,
न जाने तुझे कब फुर्सत मिलेगी
हमें याद करने की।
उजाले अपनी यादों के
हमारे साथ रहने दो,
ना जाने किस गली में
ज़िंदगी की शाम हो जाए।

तू क्या जाने,
मैं खुद से भी शर्मिंदा हूँ…
तेरा साथ छूट गया,
फिर भी जिंदा हूँ।
इस तरह याद आकर
बेचैन मत किया करो…
एक सज़ा काफी है
कि पास नहीं हो तुम।
आज फिर दम घुटने लगा…
ना जाने किसने गले लगाया होगा उसे।

मैं अंधेरों से नहीं डरता,
धोखा तो उजालों ने दिया है।
वजह तो कोई नहीं…
पर अब हर वक्त दिल उदास रहता है,
मन परेशान और दिमाग बेकरार रहता है।

एक शख्स मुझे अपने यादों का
ग़ुलाम करके गया…
मेरी रातों की नींद भी
हराम करके गया। 😔
काश कोई ऐसी ग़ज़ल लिखूँ
तेरी याद में,
कि मेरे हर अल्फ़ाज़ में
बस तेरा ही नाम हो।

सीने से लगाकर सुन वो धड़कन मेरी,
जो हर वक्त तुझसे
मिलने का इंतज़ार करती है।
यादें पागल कर देती हैं,
बातें बेचैन कर देती हैं,
दिन तो किसी तरह कट जाता है…
पर रातें पागल कर देती हैं। 💔🥀
बादलों से कह दो
सोच-समझकर बरसें…
अगर मुझे उसकी याद आ गई,
तो मुकाबला बराबरी का होगा।
