508+ सनातन धर्म पर शायरी | Sanatan Dharma Par Shayari Quotes In Hindi

दोस्तों, Sanatan Dharma Par Shayari (सनातन धर्म पर शायरी) हमारे सभी हिन्दू भाइयो के लिए लिखी गई है अगर आप अपने सोशल मीडिया पर हिन्दू शायरी या सनातन धर्म शायरी लिख रहे होतो यहाँ पर आपको कई सारे Sanatan dharma shayari मिलने वाली है।

नमस्कार दोस्तों, आपका स्वागत है FunkyKhabar.com पर। इस पोस्ट में हमने आपके लिए खास Sanatan Dharma Shayari in Hindi का कलेक्शन तैयार किया है। यहाँ आपको भक्ति और प्रेरणा से भरी ऐसी शायरियाँ मिलेंगी जिन्हें आप WhatsApp Status, Facebook पोस्ट और Instagram Caption पर लगा सकते हैं।

दोस्तों, अगर आप भी अपने धर्म और संस्कृति की महानता को लोगों तक पहुँचाना चाहते हैं तो ये सनातन धर्म पर शायरी आपके लिए बिल्कुल सही रहेंगी।

Friends, इस पोस्ट के आखिर में आपको और भी धार्मिक शायरी पढ़ने के लिए related posts के लिंक मिलेंगे।

Sanatan Dharma Par Shayari (सनातन धर्म पर शायरी)

Sanatan Dharma Shayari (सनातन धर्म पर शायरी)

भूल मत, हर हिंदू शेर है,
बस गरजने की देर है।

कुत्तों की भीड़ से शेर नहीं मरते,
सनातनी हिंदू किसी के बाप से नहीं डरते।

हमारी नज़र भी शेर जैसी है,
क्योंकि हम खुद सनातन के शेर हैं।

सनातन धर्म पर शायरी

माथे पर तिलक हमारी पहचान है,
ये सनातनियों की शान है।

नाम मिटाने की औक़ात नहीं तुम्हारी,
और चले हो सनातन को मिटाने।

सनातन वो है जनाब,
जिसे मिटा पाना किसी के बस में नहीं।

Sanatan Dharma Shayari (सनातन धर्म पर शायरी)

बराबरी सबके साथ करो पर सनातन के साथ नहीं,
क्योंकि इसका ना उदय है, ना ही अंत है।

हिन्दुत्व धरा का धर्म है, भगवा कभी नहीं झुकेगा,
काफ़िला शेरों का है… कुत्तों से नहीं रुकेगा।

वीर प्रसूता धरा का नारा है –
कहो गर्व से “हम हिंदू हैं, हिंदुस्तान हमारा है।”

Sanatan Dharma Shayari (सनातन धर्म पर शायरी)

जो शिव और राम का नहीं,
वो किसी काम का नहीं।

मैं जब-जब “श्रीराम” लिखूँगा,
तब-तब तुम मुझे कट्टर हिंदू समझ लेना।

कट्टर हिंदू हैं हम,
Attitude तो होगा ही 😎 – जय श्री राम।

Sanatan Dharma Shayari (सनातन धर्म पर शायरी)

बुरा तो मैं लगूंगा ही तुझे,
क्योंकि मैं एक सच्चा सनातनी हिंदू हूँ।

हिंदू होना सौभाग्य है,
पर कट्टर हिंदू होना परम सौभाग्य है।

हम हिंदू हैं, सीना तान के चलते हैं,
हिंदुस्तान में सनातन धर्म के शेर पलते हैं।

Sanatan Dharma Shayari (सनातन धर्म पर शायरी)

घमंड हमें पैसों का नहीं साहब,
बल्कि कट्टर सनातनी होने का है।

सुन, आज अपने बारे में बता दूँ,
मैं कट्टर सनातनी हूँ, ये तुझे भी समझा दूँ।

तुम जितना टकराओगे मुझसे,
मैं उतना ही कट्टर सनातनी बनता जाऊँगा।

Sanatan Dharma Shayari (सनातन धर्म पर शायरी)

ख़ून में गर्मी है क्योंकि,
धर्म ही हमारा सनातन हिंदू है।

अपराधियों में खौफ़ छा गया,
जब सुना – सनातन राज लौट आया।

दुश्मनों का सीना चीरकर खून बहा देंगे,
यही सनातनी हिंदुओं का जीने का अंदाज़ है।

Sanatan Dharma Shayari (सनातन धर्म पर शायरी)

मुझे ना नाम चाहिए, ना इनाम चाहिए,
बस भगवा से सजा पूरा हिंदुस्तान चाहिए।

हमारी तक़दीर से जलना छोड़ दो,
हम घर से दवा नहीं, श्रीराम की दुआ लेकर निकलते हैं।

पानी अपनी मर्यादा तोड़े तो विनाश होता है,
हिंदू अपनी मर्यादा तोड़े तो सर्वनाश होता है।

Sanatan Dharma Shayari (सनातन धर्म पर शायरी)

उस मुकाम पर सनातन का दीपक जलता है,
जहाँ पहुँचकर हवाओं का दम निकलता है।

मंदिर की चोटी पर मोर नाचता है,
सनातन से जलने वालों… भगवान तुम्हारा भी भला करता है।

हर सोए हुए को जगाता जा रहा हूँ,
सनातन धर्म की महानता सबको समझा रहा हूँ।

Sanatan Dharma Shayari (सनातन धर्म पर शायरी)

सामने कुछ और, पीछे कुछ और कहते हैं,
हमारे आसपास भी ऐसे कुत्ते रहते हैं।

जलाना-जलना फ़िज़ूल है,
“सबका साथ, सबका विकास” – यही सनातन का उसूल है।

ना भावनाओं से, ना संविधान से,
देश चलेगा तो गीता और पुराण से।

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